भारतीय इन्टरनेट स्पीड की दुर्दशा का मज़ाक,दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो साईट कम्पनी u-tube ने, उड़ाया
आपको ध्यान होगा हमने 22 Oct 2014 को एक लेख लिखा था,जिसका शीर्षक था "लंगड़ी चींटी जैसी चाल का मारा,भारतीय इंटरनेट उपभोक्ता बेचारा "उस लेख के द्वारा हमने भारत में इंटरनेट की दिनो दिन खराब होती हुई हालत का जिक्र किया था|
हमारे उस लेख में कही हुई एक - एक बात का अनुमोदन Ericsson co. ने अपने एक सर्वे के द्वारा 28 Apr 2015 को किया था,जिसमे उन्होंने पाया था कि,भारत में 2G और 3G इन्टरनेट स्पीड एक सामान हैं तथा 60% से 70% भारतीय इन्टरनेट उपभोक्ता बहुत परेशान हैं आदि आदि |
अब हमारे उस लेख की सत्यता पर मोहर लगाने वाला एक विज्ञापन (AD Film) दुनिया की सबसे बड़ी video site co. U-TUBE ने जारी किया है,जिसके बोल कुछ इस प्रकार हैं ;-
रुक-रुक खाये झटके ,घूम घूम है अटके,रुक- रुक खाये झटके,.........इंडिया में ऑनलाइन विडियो देखना काफ़ी सर घुमाने वाला काम है,इसलिये U-TUBE लाया है नया ऑफलाइन फीचर
हमारे पहले लेख को लिखे हुए नौ महीने हो गये,अगर इन्टरनेट की स्पीड के बारे में हमारी सरकार ने कुछ सोचा होता तो शायद आज भारत को U-TUBE Co.के द्वारा इतना बेइज्जत होना न पड़ता, क्योंकि विज्ञापन में खासकर भारत (india) का नाम लिया गया है|
परन्तु हमारे संचार मंत्री जी को शायद यह विज्ञापन देख कर भी शर्म नहीं आयेगी,क्योंकि उन्हें तो मीडिया के सामने खुश होकर यह बताने में मजा आता है की कॉल ड्रॉप तो उनकी भी होती है | न ही हमारी पांचों बड़ी इंटरनेट प्रोवाइडर कम्पनिओं को शर्म आएगी क्योंकि उन्हें तो जब उपर से शह मिली हुई है कि भारत की बेवकूफ पब्लिक को खूब लूटो,खूब रेट बढाओ,स्पीड कम करते जाओ,कोई कुछ बोलने वाला नहीं है,पेमेंट भी एडवांस में लो,सही काम भी न करो फिर भी बेचारी पब्लिक तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ पायेगी| क्योंकि कम्पनिओं के ऊपर बैठे लोग,उनके कार्य का आकलन करने वाले लोग ,शायद उनको फायदा पहुचाने के लिए कार्य कर रहें है न कि भारत की जनता के हितों की रक्षा करने के लिए,क्योंकि पिछले डेढ़ साल में इंटरनेट के रेट दोगुने हो गए और स्पीड आधी हो गयी,परन्तु किसी भी नियामक अधिकारी का कोई बयान आपने देखा,सुना या पढ़ा नहीं होगा|
जब सइयां भए कोतवाल तो डर काहे का | नियामक संस्थान ने ऐसी कोई व्यवस्था ही नहीं बनाई है जिससे वो कम्पनिओं वो बाध्य कर सके,उनसे कम से कम एक स्पीड की भरपाई न होने पर सवाल उठा सके,ऐसी स्थिति में कम्पनियां भरपूर फायेदा उठा रहीं हैं और पब्लिक मजबूर है उनके द्वारा लुटने के लिए |
नियामक संस्थान ने शिकायत करने का भी जो तरीका बनाया है वो भी कुछ ऐसा है की आपको उसी से शिकायत करनी है जो आपको सता रहा है,यानि कि जो आपको मार रहा है,आपको उसी से कहना है की भईया ,जोर से न मारो ,बहुत चोट लग रही है ,ज़रा धीमे मारो,आप की बड़ी मेहरबानी होगी ,वर्ना आप अपनी शिकायत अपने से ऊपर वाले भईया से कर दो ,की आप हमें मार रहे हो वो आप को सजा दें| भई वाह क्या तरीका है |
हमारे आकलन के हिसाब से भारत में इन्टरनेट बहुत बदतर हालत में है और पूरी तरह से भगवान् भरोसे है,और हमारे प्रधान मंत्री जी इसी इन्टरनेट के भरोसे ' डिजिटल इंडिया 'का ख्वाब भारत की भोली-भाली जनता को दिखा रहें है,जबकि डिजिटल इंडिया स्कीम का सारा दारोमदार इन्टरनेट पर ही कायम होगा, कैसे होगा यह या तो मोदी जी जानते हैं या भगवान् जानता है, हम तो बस वो ही जानते है जो दिखाई दे रहा है, जैसे बैंकों में लगी लाइनें,क्या हुआ कनेक्टिविटी नहीं है, सरकारी ऑफिस में लगी लाइनें ,क्या हुआ काम नहीं हो सकता कंप्यूटर में कनेक्टिविटी नहीं है, रेलवे रिजर्वेशन काउंटर ,लम्बी लाइनें परेशान लोग ,क्या हुआ जब कनेक्टिविटी आएगी तब काम होगा |
ऐसे सैकड़ों उदाहरण से आप लोगों का रोज वास्ता पड़ता होगा,आखिर ये सब इन्टरनेट की स्पीड और खराबी के कारण ही तो है,तो क्या हमारे इन्टरनेट के भाग्य-विधाता ,संचार मंत्री जी इस तरफ भी थोड़ा ध्यान देंगें?
धन्यवाद |
KC Sir [K.C.MEHROTRA]
33/001, Dayal Building, Near WARDROBE
Maqbara Road,Hazratganj, LUCKNOW-226001.
Mobile No. 09335200525, 09335210525, 09918800525
Off.Phone No. 0522 2200525
Resi. Phone No. 0522 2254534
E-mail: kcsir.in@gmail.com, kcmehrotra@gmail.com
Website: www.kcsir.in
Blogsite: www.kcsir.blogspot.in
Twittersite: www.twitter.com/kcmehrotra
Facebooksite: www.facebook. com/kcmehrotra
No comments:
Post a Comment