पर उपदेश कुशल बहुतेरे
दो-तीन दिन पहले अपने प्रधानमन्त्री मोदी जी का भाषण सुना जिसमे उन्होंने LPG सिलिंडर पर मिलने वाली subsidy के बारे में अपने विचार व्यक्त किये थे,उन्होंने अपने वक्तव्य में देश के उन लोगों से एक अपील की थी जो सक्षम हैं अर्थात जिनकी आमदनी इतनी है कि उन्हें रसोई गैस पर मिलने वाली subsidy नहीं लेनी चाहिए.
यह आमदनी कितनी हो यह नहीं बताया था,परन्तु कुछ उदाहरण दिए थे कि किन लोगों को आगे आ कर subsidy खुद छोड़ देनी चाहिए,और यह भी बता डाला की इससे जो पैसा सरकारी खजाने में बचेगा उसको गरीबों के कल्याण के कार्यक्रम में लगाया जाएगा.
हम कुछ तथ्य रसोई-गैस subsidy से सम्बंधित आपके सामने रख रहे हैं
1.आजकल एक सिलिंडर पर करीब 220/00रूपए सब्सिडी दी जा रही है.
2.एक परिवार को ज्यादा से ज्यादा 12 सिलिंडर एक साल में दिए जाते हैं.
3.कुछ परिवार 5,6,7,8 या 9 सिलिंडर ही ले पाते हैं एक साल में.
4 हम एक अनुपात लगा लें की एक परिवार लगभग 8 सिलिंडर एक साल में लेता है.
5.इस हिसाब से एक परिवार को 8x220=1760=00 रूपए की subsidy एक साल में सरकार से प्राप्त हो रही है.
6.इस परिवार में हम मान लेते हैं,कि 3 सदस्य हैं,यानि प्रति व्यक्ति करीब 587=00 रूपए की गैस subsidy एक साल में एक व्यक्ति को सरकार दे रही है.
7.1760=00रूपए एक साल में कोई बहुत बड़ा खर्चा नहीं है,जो ज्यादा कमाने वाले खर्च न कर सकें,और subsidy न छोड़ सकें.
8.10 या 20 हज़ार रूपए महीना कमाने वाले मनुष्य के लिए 220=00 रूपए महीने की subsidy छोड़ देना कोई बड़ी बात नहीं है.
9.जो लोग इनकम टैक्स देते हैं,यानि की जिनकी आमदनी 4 या 5 लाख रूपए साल से ज्यादा है,उनके लिए साल में 1760=00 रूपए की subsidy छोड़ देना कोई बड़ी बात नहीं होगी.
इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हम सोच सकते हैं कि मोदी जी के आवाहन पर करोंड़ों लोगों को अब तक गैस subsidy छोड़ देनी चाहिए थी.
पर ऐसा हुआ नहीं,क्यों नहीं,यह समझने के लिए आपको एक संत की कहानी याद करनी पड़ेगी
एक बार एक माँ एक संत के पास अपने बच्चे को लेकर पहुंची जिसके दांत खराब हो रहे थे क्योंकि वो मीठा बहुत खाता था,माँ का मानना था की महान संत हैं उनकी बात बच्चे को समझ में आ जाएगी और बच्चा मीठा खाना बंद कर देगा.जब माँ ने संत को बोला,महाराज आप इसे समझा दीजिए यह मीठा बहुत खाता है,यह सुनकर संत ने उस माँ से बोला,बच्चे को एक महीने के बाद लेकर फिर आओ,तब हम उसे समझायेंगे.
एक महीने के बाद माँ बच्चे को लेकर फिर से संत के आश्रम में पहुंची,संत ने बच्चे को अपने पास बैठाया और उससे बोला 'बेटा मीठा मत खाया करो,बहुत खराब चीज होती है'.इतना कहकर संत ने माँ से कहा कि बच्चे को ले जाओ ये अब मीठा नहीं खायेगा.
माँ बच्चे को आश्रम के बाहर लेकर आयी और बच्चे को बाहर बैठाकर फिरसे अंदर गयी और उसने संत से पूछा,महाराज अगर आपको सिर्फ बच्चे से इतना ही बोलना था तो आपने हमें एक महीने बाद क्यों बुलाया,पिछली बार ही बच्चे से यह क्यूं नहीं कह दिया?
संत ने माँ के कौतूहल को समझते हुए उसे विस्तार से समझाया
पिछली बार जब तुम बच्चे को लेकर आयी थीं और तुमने बच्चे की आदत का जिक्र करके हमसे उसे मीठा खाने को मना करने के लिए कहा था तब हमने उसे इसलिये कुछ नहीं कहा क्योंकि तब हम भी मीठा बहुत खाते थे,अगर हम उसे मना करते तो उसपर हमारी बात का कोई असर नहीं होता.
हमने तुम्हे एक महीने के बाद बुलाया,उस बीच हमने अपनी मीठा खाने वाली आदत को पूरी तरह से छोड़ दिया,तब हमने बच्चे को मीठा न खाने को बोला,अब हमारी बात का बच्चे के उपर असर अवस्य होगा,परन्तु यदि पिछली बार हमने यही बात बोली होती तो उसका असर बच्चे पर नहीं होता.
कोई बात हम खुद करे और दूसरों को न करने को बोलें तो क्या कोई मेरी बात मानेंगा?
अब आप समझिये की मोदी जी की बात का असर क्यों नहीं हो रहा है.मोदी जी खुद तो subsidy ले रहे हैं और देशवासियों को कह रहे हैं कि आप लोग subsidy लेना बंद कर दें.
मोदी जी कैसे subsidy ले रहे हैं और कितनी ज्यादा subsidy ले रहें है,यह जानने के लिए आपको कुछ तथ्यों को समझना होगा.
कुछ समय पहले आप लोगों ने टी.वी.अखबार एवं रेडियो पर मोदी जी के बारे में एक ख़बर देखी,पढ़ी एवं सुनी ज़रूर होगी,कि मोदी जी ने सचिवालय की कैन्टीन में भोजन थाली खायी. मोदी जी ने भी बोला था की 30 या 33 रूपए में बड़ा स्वादिस्ट भोजन था.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सचिवालय कैन्टीन में M.P.एवं MINISTERS के लिए नास्ता चाय एवं भोजन सब कुछ बहुत ही कम (subsidised) कीमतों में मिलता है.सचिवालय कैन्टीन को subsidy तब भी दी जाती है जबकि M.P.लोगों को चाय-नास्ते के लिए भत्ता अलग से मिलता है,जो अपने-आप में बहुत ज्यादा होता है.
अब जानिये कि मोदी जी subsidy कैसे प्राप्त कर रहे है
वो एक थाली जो मोदी जी ने 30 रूपए में खायी थी,और जो उन्हें बहुत स्वादिस्ट लगी थी उसमे 90 रूपए की subsidy सरकार की तरफ से डाली गयी थी,यानि कि वो थाली कैन्टीन को 120 रूपए में पड़ती है जो ministers एवं M.P.लोगों को 30 या 33 रूपए लेकर दी जाती है और बाकी के 90 रूपए सरकारी खजाने से subsidy के रूप में चुकाये जाते हैं.
मोदी जी उनके मंत्रीगण एवं M.P.कितनी अधिक subsidy ले रहे हैं,यह जानने के लिए साधारण गडित जानना ही काफी होगा.
एक M.P. के एक समय के भोजन पर 90 रूपए की subsidy.मतलब यदि 20 दिन ये सज्जन भोजन कैन्टीन में कर लें तो,1800 रूपए सरकारी खजाने से subsidy के रूप में चुकाना पड़ेगा,अब सोचिये अगर यह सज्जन 200 दिन एक थाली खाएं तो 18000 रूपए subsidy सरकार चुकाएगी.
एक परिवार को 1760 रूपए की subsidy रसोई गैस के लिए सरकार देती है,पुरे साल भर में,दूसरी तरफ एक मंत्री की 20 थाली के लिए 1800 रूपए की subsidy सरकार देती है. एक ओर एक m.p.की एक समय की थाली पर 90 रूपए की subsidy और दूसरी ओर एक नागरिक को साल भर में सिर्फ 587 रूपए की रसोई-गैस subsidy.
बहुत नाइंसाफ़ी है
आपको जानकर हैरानी होगी कि एक साल में सचिवालय कैन्टीन को सरकारी खजाने से 11 करोड़ रूपए वर्ष 2010-2011 के लिए subsidy के रूप में दिए गए थे,जो अब बढ़ कर 20 से 25 करोड़ रूपए प्रति वर्ष या उससे भी अधिक हो गए होंगे.
20 से 25 करोड़ रूपए से हिन्दुस्तान के एक से डेढ़ लाख परिवारों को रसोई गैस subsidy पूरे साल भर के लिए दी जा सकती है,मतलब करीब 40 से 45 लाख लोगों को रसोई-गैस सब्सिडी दी जा सकती है.
मोदी जी आपसे सविनय निवेदन है की यदि आपको समझ में आ गया हो कि लोग आपकी बात को क्यों नहीं मान रहे हैं,तो संत की तरह व्यवहार कीजिये और सचिवालय की कैन्टीन को सरकार की तरफ से subsidy देना बंद करवा कर अपने उपर से subsidy लेने का आरोप हटा कर ,एक बार फिर से भारतीय जनमानस से अपील करें,फिर देखिये कैसे लोग आपकी बातों को मान कर रसोई गैस subsidy लेना बंद करना शुरू करते हैं. हम आपको वादा करते हैं कि हम खुद आपके इस शुभ कार्य में पूरा सहयोग करेंगे धन्यवाद्
KC Sir [K.C.MEHROTRA]
KC Sir [K.C.MEHROTRA]
33/001, Dayal Building, Near WARDROBE
Maqbara Road,Hazratganj, LUCKNOW-226001.
Mobile No. 09335200525, 09918800525, 09335210525
Off.Phone No. 0522 2200525
Resi. Phone No. 0522 2254534
E-mail: kcsir.in@gmail.com, kcmehrotra@gmail.com
Website: www.kcsir.in
Blogsite: www.kcsir.blogspot.in
Twittersite: www.twitter.com/kcmehrotra
Facebooksite: www.facebook.com/kcmehrotra