GST में सर्विसेस टैक्स करेगा कमाल,भरेगा ख़ज़ाना,देश होगा मालामाल
भारत सरकार को मनमोहन सिंह जी ने एक अलादीन का जादुई चिराग,सर्विस टैक्स के रूप में दिया था,जो धीरे धीरे अब अपना जलवा दिखाने लगा था,और अब एकदम से GST के अंतर्गत आने के बाद तो यह भारत सरकार का एक सपूत सिद्ध होगा,जो देश के सरकारी खजाने को अपने दम पर भरने का काम करेगा।
2014 में जब मनमोहन सिंह जी की सरकार गयी,और मोदी जी आये,तो सर्विस टैक्स 12 प्रतिशत था और उस टैक्स पर 2 प्रतिशत और 1प्रतिशत शिक्षा अधिभार औऱ उच्च शिक्षा अधिभार लगता था।मतलब 12.36 प्रतिशत सर्विस टैक्स की दर से टैक्स पड़ता था।
वर्ष 2013-2014 में सर्विस टैक्स के रूप में 154778 रुपये सरकारी खजाने में आये थे।
मोदी जी ने मई 2014 को प्रधानमंत्री का पद सम्भाला और अगले साल1 जून 2015 से सर्विस टैक्स को 15 प्रतिशत कर दिया गया,सारे अधिभारों सहित।इसका फायदा सरकार को मिला और जो सर्विस टैक्स 2014-2015 में 168132करोड़ था वो 2015-2016 में बढ़कर 209774 करोड़ हो गया,(करीब 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ।)
यही सर्विस टैक्स 2016-2017 में बढ़कर 247500 करोड़ हो गया था।(करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी )
अब जब सर्विसेज टैक्स 15 की बजाए 18 प्रतिशत हो जाएगा GST के रूप में तो 2017-2018 में टैक्स करीब करीब 40-45 प्रतिशत बढ़ेगा,पिछले साल के मुकाबले में, यानी,करीब 1लाख करोड़ रुपये बढ़कर 350000 करोड़ रुपये सिर्फ़ सर्विसेस टैक्स से आएगा।
इससे आप लोग अंदाजा लगा सकते हो कि सर्विसेज पर टैक्स लगाकर मनमोहन सिंह जी ने कितना बड़ा काम सरकारी ख़ज़ानों को भरने के लिए कर दिया था।यह अप्रत्यक्ष कर धीरे धीरे प्रत्यक्ष कर से बड़ा रूप धारण करता जाएगा और एक दिन प्रत्यक्ष कर को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। KC Sir
भारत सरकार को मनमोहन सिंह जी ने एक अलादीन का जादुई चिराग,सर्विस टैक्स के रूप में दिया था,जो धीरे धीरे अब अपना जलवा दिखाने लगा था,और अब एकदम से GST के अंतर्गत आने के बाद तो यह भारत सरकार का एक सपूत सिद्ध होगा,जो देश के सरकारी खजाने को अपने दम पर भरने का काम करेगा।
2014 में जब मनमोहन सिंह जी की सरकार गयी,और मोदी जी आये,तो सर्विस टैक्स 12 प्रतिशत था और उस टैक्स पर 2 प्रतिशत और 1प्रतिशत शिक्षा अधिभार औऱ उच्च शिक्षा अधिभार लगता था।मतलब 12.36 प्रतिशत सर्विस टैक्स की दर से टैक्स पड़ता था।
वर्ष 2013-2014 में सर्विस टैक्स के रूप में 154778 रुपये सरकारी खजाने में आये थे।
मोदी जी ने मई 2014 को प्रधानमंत्री का पद सम्भाला और अगले साल1 जून 2015 से सर्विस टैक्स को 15 प्रतिशत कर दिया गया,सारे अधिभारों सहित।इसका फायदा सरकार को मिला और जो सर्विस टैक्स 2014-2015 में 168132करोड़ था वो 2015-2016 में बढ़कर 209774 करोड़ हो गया,(करीब 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ।)
यही सर्विस टैक्स 2016-2017 में बढ़कर 247500 करोड़ हो गया था।(करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी )
अब जब सर्विसेज टैक्स 15 की बजाए 18 प्रतिशत हो जाएगा GST के रूप में तो 2017-2018 में टैक्स करीब करीब 40-45 प्रतिशत बढ़ेगा,पिछले साल के मुकाबले में, यानी,करीब 1लाख करोड़ रुपये बढ़कर 350000 करोड़ रुपये सिर्फ़ सर्विसेस टैक्स से आएगा।
इससे आप लोग अंदाजा लगा सकते हो कि सर्विसेज पर टैक्स लगाकर मनमोहन सिंह जी ने कितना बड़ा काम सरकारी ख़ज़ानों को भरने के लिए कर दिया था।यह अप्रत्यक्ष कर धीरे धीरे प्रत्यक्ष कर से बड़ा रूप धारण करता जाएगा और एक दिन प्रत्यक्ष कर को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। KC Sir