सी ऐ जी ने मोदी जी के कमाऊ और प्रिय रेल मंत्री प्रभु जी की खोली पोल l

146 गाड़ियों के टिकट्स का दाम औसतन 33 प्रतिशत बढाने के बावजूद,एवं अन्य कई सेवाओं में बेतहासा दाम बढ़ाने के बावजूद,मोदी जी के प्रिय प्रभु ने भारतीय रेल में मिलने वाले खाने की गुड़वत्ता एवं मात्रा में की भारी गिरावट खाना मनुष्यों के खाने लायक नहीं,lऐसा कहना है CAG का जो भारत सरकार का ही एक विभाग है l CAG ने रेल मंत्री के विभाग और कार्यों की समीक्षा में पाया बहुत बड़ा घपला l
2014-2015 में जो 8000 शिकायतें खराब खाने को लेकर आयीं थीं,वो 2015-2016 में बढ़कर 11974,यानि करीब 16 शिकायतें रोजाना हो गयीं,वो भी तब जब,80 प्रतिशत लोग शिकायत कर नहीं पाते,या उनको पता नही होता है की शिकायत कहाँ और किससे करें l
CAG ने 80 रेलगाड़ियों के 1975 यात्रियों से बातें की और 74 स्टेशनों पर 1800 यात्रियों से भी बातें करके यह सारे निष्कर्ष निकाले हैं l
1. सिर्फ 16 बेस किचन रेलवे परिसर में हैं,बाकी 115 बेस किचन स्टेशनों से बहुत दूरी पर हैं l
2. ट्रेन में पैनट्री कार में खाने को ढक कर नहीं रक्खा जाता है l
3. खाना बनाने में साफ पानी का प्रयोग नहीं होता है l
4. ट्रेन की रसोईघर में सफाई नहीं रहती है,वहाँ चूहे ,कीड़े मकोड़े और तिलचट्टे आदि घूमत रहते हैं l
5. यात्रियों को खाने की कीमत के बारे में ठीक से नही बताया जाता,भ्रमित किया जाता है l
6. खाने की मात्रा भी दर्शाई (बताई ) गयी मात्रा से कम होती है l
7. खाने का बिल देने का भी कोई प्रावधान नहीं है l
8. बाज़ार भाव से ज्यादा दाम वसूले जाते हैं l
9. प्रिन्ट दाम से ज्यादा दाम पैकेट बंद उत्पादों पर लिये जाते हैं l
10. डिब्बाबन्द और बोतलबन्द उत्पादों को एक्सपायरी डेट के बाद भी बेचा जाता है l
CAG ने तो यहाँ तक कह दिया है कि"ट्रेनों एवं स्टेशनों पर मिलने वाला खाना,मनुष्यों के खाने के उपयुक्त नहीं है"l
CAG की इस रिपोर्ट के आने के बाद भारत की जनता को यह पूछने का अधिकार तो मिल ही जाता है कि क्या प्रभु जी को सिर्फ रेलवे की आमदनी बढ़ाने के लिए रक्खा गया है,क्या हर चीज में हर काम में दाम बढ़ना ही उनका ध्येय है?
क्या IRCTC के द्वारा किये जा रहे ग़लत कार्य-कलापों के ऊपर निगाह रखना प्रभु जी के कार्यों में नहीं शामिल है?
क्या भारत की निरीह जनता को प्रभु जी ने सिर्फ और सिर्फ एक दुधारू गाय के रूप में ही जाना है और उन्हें एक जानवर से भी बद्तर समझा है ,जो इस तरह का व्यहार वो भारतीय रेलवे के द्वारा करवा रहें है?क्या जवाब मिलेगा प्रभू? KC Sir
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