Friday, 22 April 2016


                       आज  के  युवा  कब  करें  शादी  और  कब  बच्चे  हों

          आज के समय का बहुत ही महत्वपूर्ण परन्तु युवक युवतियों के द्वारा ध्यान न दिया जाने वाला विषय है "कब शादी करें एवं कब बच्चे हों"
          आज से तीस साल पहले जब हमारी शादी हुई थी तब लड़के लड़कियों की शादी की उम्र 22 से25 साल हुआ करती थी,और उससे 30-35साल पहले जब हमारे पिताजी की शादी हुई थी उस समय शादी की उम्र 18 से 21 साल हुआ करती थी।
          परन्तु अब जब हमारे बच्चों की शादी हुई तो शादी की उम्र बढ़ कर 26 से29 साल हो चुकी है।
          इन उदाहरणों को देखने से पता चलता है कि,2015-16 में जो शादी हुई और 1985-86 में जो शादी हुई ,दोनों शादी के समय लड़के लड़की की उम्र बढ़ कर 4-5 साल ज्यादा हो चुकी थी और जो शादी 1950-55 में हुई थी उस समय से शादी की उम्र 8से 10साल बढ़ कर 26 से29 वर्ष हो चुकी है।
          इन बातों से यह निष्कर्ष निकलता है कि,पिछली तीन पीढ़ियों में शादी की उम्र बढ़ कर 26 से29 वर्ष हो चुकी है जो अगली पीढ़ी तक बढ़ कर 30 से33 वर्ष अवस्य हो जाएगी। इसके पीछे कई कारण हैं,जिनके अन्दर हम इस लेख में नहीं जायेंगे,आगे फिर कभी इस विषय पर बात करेंगें। 

                    अब हम इस लेख के मूल प्रश्न पर आते हैं,कि कब शादी करें और कब बच्चे हो?

          इस प्रश्न के पहले भाग का उत्तर तो हमें मिल चुका है कि आज कल जो शादी हो रही है,मेरा मतलब 2015 से 2020 तक जो शादी होंगी उनके बच्चों की शादी के समय उम्र 30 से 33 साल होगी।

                अब प्रश्न ये है कि आजकल जो शादियाँ हो रही हैं उनको बच्चे कब पैदा करने चाहिए?

          आजकल के बच्चों की सोच है कि हम शादी के 4-5 साल बाद बच्चे की बात करेंगे,क्या यह सोच उचित है? क्या उन्होंने सोच समझ कर यह फैसला लिया है? क्या उन्होंने यह सोचा है की आज उनकी उम्र क्या है? क्या उन्होंने यह सोचा है कि जब 5 साल बाद उनके बच्चे होंगे तो उसके 30-35 साल बाद जब उनको जिन्दगी में व्यवस्थित करना होगा और उनकी शादी करनी होगी तो,आज के इन नए शादीशुदा बच्चों की उम्र क्या हो चुकी होगी? क्या यह आज के बच्चे कल के बच्चों के अभिभावक कार्यरत भी होंगे? क्या वो इस स्थिति में भी होंगें कि वो अपनी उस ज़रूरी जिम्मेदारी का दायित्व भी निभा पाएंगे? अगर वो सेवानिवृत हो चुके होंगे तो क्या उनके पास पर्याप्त धन होगा जो वो अपने बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा सकेंगें? और क्या उसके लिए उनके पास उम्र बची होगी? क्या उनका शरीर उनका साथ देने की स्थिति में होगा ? क्योंकि उस समय उनकी उम्र 63 से 67 साल हो चुकी होगी। क्या उम्र के उस पड़ाव पर वो बच्चों के बच्चो के प्रति अपना कोई कर्त्तव्य निभा पाएंगे? और क्या उस उम्र में वो अपने हमराही के प्रति अपनी जिम्मेदारी और अपने बुढ़ापे का ख्याल रख पाएंगे?

                                 क्या 65 से 70 साल की उम्र बच्चो की शादी करने की होती है? 


        निश्चित नहीं,तो क्या हमें अपने बच्चों को यह नहीं समझाना चाहिए कि,यदि उनकी उम्र 27 से30 साल हो चुकी है तो उन्हें फ़ौरन बच्चों के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए जिससे अपने सेवानिवृत होने से पहले वो अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर काबिल बना कर उनकी शादी कराकर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर सकें।जो कि आज 30 की उम्र में बच्चा होने पर अभिभावक की 63 से 65 साल की उम्र पर उसकी शादी सम्भव हो पायेगी।
        हालाकिं हमें उम्मीद कम ही है कि आजकल की पढ़ी लिखी पौध जो अपनी सोच के आगे बुजुर्गों के अनुभव और विचारों को नगण्य मानती है, इस लेख में लिखे एवं बताये हुए विचारों को मन लगाकर पढेगी और मंथन करेगी तथा इसकी बातों की गहराई में जाकर विचार करेगी,परन्तु अगर ऐसा करेगी तो उसे अवस्य लाभ होगा और वो इसपर अमल करके अपने आने वाले कल और आने वाले भविष्य के बच्चों के कल को सुन्दर और सुरक्षित बना  सकेगी। मेरी शुभकामनाये हमेशा बच्चों के साथ हैं। सब बच्चों एवं बड़ों के विचार आमंत्रित हैं, खुलकर टिप्पड़ी करें। धन्यवाद्।                                                             KC Sir

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